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Showing posts from October, 2019

रांची से 65 किमी दूर “मिनी लन्दन” मैकलुस्कीगंज में आपका स्वागत है...

झारखंड की राजधानी रांची से कुछ दूरी पर है, 'एंग्लो इंडियंस' की बस्ती जो सैलानियों के लिए आकर्षण के केंद्र बन जाता है... चलिए आपको लिए चलता हूँ मैक्लुसकीगंज के सफ़र में... इतिहास... मैकलुस्‍कीगंज नाम ही ऐसा है जो सबको बेहद आकर्षि‍त करता है. लगता ही नहीं कि‍ यह झारखंड के कि‍सी हि‍स्‍से का नाम है. इसे ‘ मि‍नी लंदन’  भी कहा जाता है. आदि‍वासी प्रदेश का एक गांव जहां एंग्लो इंडियंस बसे हैं , जि‍नकी बोलचाल और संस्‍कृति‍ देसी भी है और वि‍देशी भी. वे लोग दशहरे मेंं मेला भी घूमते हैं और चर्च जाने के साथ-साथ क्‍लब में भी होते हैं. दरअसल इस जगह का नाम था लपरा, जि‍से मैकलुस्‍की टि‍मोथी ने बसाया था. इसके पीछे भी एक कहानी है. जब अंग्रेज भारत आए तो अपने राजपाट के प्रसार के लि‍ए पटरि‍यां बि‍छाकर रेल चलाई, पोस्‍ट आफि‍स बनाया. यहां काम करने के लि‍ए अंग्रेज हिन्दुस्तान बुलाए गये क्‍योंकि‍ जब तक भारतीय यह काम नहीं सीख जाते, उन्‍हें अंग्रेजों की जरूरत पड़ती ही थी. मैकलुस्‍की के पि‍ता आयरि‍श थे और रेलवे में नौकरी करते थे. जब वो बनारस पोस्‍टेड थे तो एक ब्राह्मण लड़की से प्‍यार कर बैठे और तमाम...