सरस्वती पूजा हमारे क्षेत्र में पूजा से बढ कर बहुत कुछ होता
है...कितनी ही कहानियों का साक्षी होता है स्कूल का वो कैंपस.... कहानियों
के बनने का सिलसिला होता है....
वो छोटी - सी पीली थैली , जिसमे
ना जाने वो कितने कीमती अबीर छुपा कर रखी
थी । शायद ! पूजा के बाद सभी को तिलक लगाने के लिए खरीद कर लायी होगी ।
मैं पीतल की थाली में मोटे -मोटे गाजर को काट कर प्रसाद बना रहा था । हम
सभी विद्यार्थियों ने चंदा एकत्रित कर सरस्वती पूजा का आयोजन किये थे । कुछ बच्चे पैसे ना देकर कुछ पूजा के
समान या कोई प्रसाद के लिए फल दिया था । ये वो ही गाजर थी , जिसे विक्रम ने प्रसाद के लिए अपने खेतों से उखाड़ कर लाया था।
गाजर
मोटी रहने के कारण हम उस गाजर के लिए उसका
मजाक बना रहे थे । वो बेचारा चुप- चाप एक
कोने में बैठ कर पताके काट रहा था और हम कुछ दोस्तों के साथ ठिठोली कर के प्रसाद
काट रहे थे...ये अक्सर होता है
इन बातों में सब खोये थे, लेकिन
मेरी आँखें सिर्फ उसे ही ढूढ रही थी । हां
उसे...उसका मतलब तो समझते ही होंगे आप......
पुष्पा...(नोट पुष्पा नाम इसलिए लिख रहा हुं कि
सायद मैं ऐसे नाम की किसी लड़की को नहीं जानता) ये लिखना जरुरी नहीं पर कभी-कभी
कुछ चिजें गैर जरुरी भी तो होती हैं... मेरे स्कूल की सबसे निडर और बातूनी लड़की ,
वो
पढने में भी ठिक-ठाक थी , यही कारण था कि उसके सामने हम लड़को की
इज्जत बस एक मूर्ख पंडित जैसी रह गयी थी ।
सायद यही कारण था कि सभी लड़के उससे चिढ़े रहते
थे...पर
मैं इस बात से खुश था.... मेरे
दिल में उसके लिए बहुत कुछ तो था ।
वो लड़को से हमेशा लड़ती थी , गुस्सा करती थी औऱ ना पढने की ताना भी दे ही देती थी । हां मेरा केश थोड़ा अलग था सायद
मेरे मार्कसिट उसे जलन का कुछ एहसास दिलाते तो होंगे पर यकीन मानियो मुझे इस बात का कोई
ध्यान नहीं रहता...अगर मेरा वो दोस्त इन
बातों को नोटीस न कर रहा होता...वही दोस्त...जो उसे कब से भाभी मान चुका
था....आज पूजा का दिन था...
वह प्रत्येक दिन स्कूल समय से आ जाती थी.....लेकिन
आज सरस्वती पूजा है फिर वह स्कूल सुबह के 9 बजे तक नही आई ...यह बात इतनी भी अजीब
नहीं थी...पुजा के दिन सजने सवरने की आदत तो होती ही है.....पर जब किसी का इंतजार
हो तो वो लंबा ही होता है........
मेरी आँखें इधर - उधर उसे ढूढ ही रही थी की अचानक.....
" अरे वाह ! " पुष्पा को देख कर मेरे
दोस्त के मुंह से यह शब्द अचानक निकल पड़ा ।
मैं भी मुड़ा...और फिर आंखे थम सी गई.....
आसमानी रंग की साड़ी , नीली बिंदी ,
हाथों
में पूजा थाली और खुले बाल स्कूल के दरवाज़े से पर खड़ी थी....
उसे देख मेरे साथ वही हुआ जो प्यार में हर किसी
के साथ होता है....हां सांसे बढ़ सी गई थी और मैं सातवें आसमान पर था, दिल
कह रहा था अभी उससे कुछ बातें करूँ। पर उसका लड़ाकू स्वभाव से डर तो था ही, कही प्रिंसिपल से बोल कर ठुकाई ना करवा
दे।.......और
दुसरा हम लौंडो का स्वाभीमान भी तो होता है.....
" मैं प्रसाद काटने में हेल्प करूँ ?
" पुष्पा बोली ।....मैं चाहता था की उसे बोलुं एक बार और बोलो .....पर
मुझे आश्चर्य हुआ , जो कभी लड़ती थी ,
आज
हेल्प करने की बात कर रही है ।
मैं तो इसे सरस्वती मां की कृपा मान बैठा था,
लेकिन दोस्त हमेशा कहते थे, सरस्वती मां सिर्फ ज्ञान देते हैं ना
कि ग्रल फ्रंड
" हाँ …. हाँ... जरूर " मैं लड़खड़ाती जुबान से बोला ।
अब हम दोस्तो के अलावे पुष्पा भी प्रसाद काटने
लगी थी.....
कभी-कभी गाजर को पकड़ने में मेरी अंगुलियाँ उसकी
उंगलियों से स्पर्श कर जाती थी। वो मासुम लड़कपना था...उसमें कोई छल नहीं था...कुछ
था तो वो था एक एहसास
वो आज बहुत खूबसूरत लग रही थी...ये बात उसे
कितनी ही लड़कियां कह चुकी थी.....
आधे घण्टे बाद पूजा शुरू हो गयी, सभी
लोग प्रतिमा के पास बैठ गये.....
मैं और पुष्पा छोटी - छोटी समान को लाकर
प्रतिमा के पास रख रहे थे। उसके एक हाथ मे पीली थैली में अबीर की पुड़िया थी ।
सब चीजे व्यवस्थित कर मैं भी प्रतिमा के पास बैठ
गया....और पुष्पा मेरे बगल में ही खड़ी हो गयी
अचानक से उसकी अक सहेली ने पुष्पा के हाथ से
अबीर की पुड़िया खिंचने की कोशिश किया, वो पुड़िया तो छीन
नही पायी लेकिन वह दो भाग में जरूर बट गया, और उसकी पूरी अबीर मेरे सर पर माते पे
।
अबीर माथे से होकर चेहरे तक फैल गया, मेरा पूरा
चेहरा अबीर से लाल हो गया और उसके चेहरे पर कुछ था तो वो था शर्म ........
सभी लड़के लड़कियां ठहाके मार कर हँस रहे थे....पर
वहां दो लोग चुप थे वो , और मैं...मैं चुप-चाप अबीर को चेहरे से
हटाने की कोशिश कर रहा था.....
वो अगले दिन मुझसे माफी मांगने आयी...पर कुछ
गिला सिकवा तो था ही नहीं...वो तो एक याद बन कर मेरे जहन में बैठ चुकी थी....आज
फिर से सरस्वती पूजा है कुछ कहानियों के बनने का दिन...कुछ यादों के सिमटने का
दिन...उसे भी सरस्वती पूजा की शुभकामनायें......


Kyaaa baaat h samir ji ,, ,, ,apne to purani yadei tazza kr diii☺☺
ReplyDeleteThanku so much....
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